u r my queen रानी तुम्हे बना दुँ
हर व्यकित अपनी प्रियतमा को रानी ही मानता है और ये चाहता के सारे जगत मे बस मेरी प्रियतमा ही सबसे सुंदर है. “भवानी प्रसाद मिश्र” का काव्य “रानी तुम्हे बना दुँ ” मे यही बात की गई है :
रानी तुम्हे बना दुँ
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रुको,फुल दो-चार और वेणी में तनिक लगा दुं
रुको, एक यह माला मनकी ग्रीवा में पहना दुं
ईस अमराई की साम्रागई
ईस वसंत-भर तुम हो
अलिदल, कोकिल,मुकुल
मंजरी तुम्हीं,पंचशर तुम हो
चुम्बन-तिलक भाल पर देकर रानी तुम्हें बना दुं
रुको, एक यह माला मनकी ग्रीवा में पहना दुं
रुको, चरण में चित डाल दुं
गलियाँ गीतो से उजाल दुं
रुककर हँसो, वासनाओं को गंगा में नहला दुं
रुको, एक यह माला मन की ग्रीवा में पहना दुं
=कवि भवानी प्रसाद मिश्र
