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August 4, 2005

modern life-आधुनिक जीवन

Filed under: काव्य

विज्ञान अच्छा है परंतु हमे आधुनिक विज्ञान की सभ्यता ने एक से बढकर एक एसा बौधिक चमत्कार दीखाके हमे एसा अंधा कर दिया है के हम अपनी आत्मजगत के रहस्यो को भूल गये है ओर हम मानविय चेतना को भी भूल गये,ईसी बात को लेकर कवि पंडीत ओम व्यास ने लीखा हे :
हमारे एक मित्र
एक दिन
विषय निकाल लिया विचित्र,
कहने लगे ओम भाई !
विज्ञान की भी क्या करामत है
सरेआम
अंदर की बहार बात है.
प्रजनन के पहेले ही फोटो
लडका हो तो आने दो,
लडकी हो तो रोको
मै ने कहा
तुम्हारे हिसाब से
लडका मेडल है
और लडकी है ट्रौफी !
वो कहने लगा
ईसी का जवाब तो है-
सौनोग्राफी.
फिर वह सोनोग्राफी के
पक्ष मे तर्क धरने लगा
कल और आज मे
फर्क करने लगा
कहने लगा,कविराज !
विज्ञानवालो ने भी
कया चमत्कार दिखाया है
कितने ही परिवारो को
दहेज समस्या से बचाया है
मैने कहा,मेरे दोस्त !
तेरे विचार भी बडे महान है
अरे,एक फायदे के पीछे
सौ सै नुकशान है.
गर ईस मशीन के प्रभाव
लडके ही लडके पृथ्वी पर आयेंगे
तो ईक्किसवी सदी के अंत तक
ईन लडको के लिये अलग
अलग बहुऐ कहा से लायेगे ?
तो बोला,
ईसका भी समाधान बताता हूं
संयुकत मोर्चा फोर्मूला समजाता हूं
अरे ! हम को-ओपरेटिव
आधार पर गृहस्थी चलायेगें
चार दूल्हो की बारात
लेकर जायेगें, बदल मै
एक दूल्हन लायेगे.
=कवि पंडीत ओम व्यास

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